यूँ तो गुजरा है बहुत सा वक़्त लेकिन
समझ नही आता की बदला क्या है.......
ये प्यार का सवाल है या उसका ख्याल है
न वो बदले न हम बदले, तो फिर बदला क्या है.......
वही इशारा जुल्फों का
वही शरारत आँखों की,
वही ताजगी चेहरे की
इधर बेकरारी सांसो की
बे वजह नशा सा उमड़ता क्यों है....
मई तो चुप हु फिर अन्दर ये बोलता कौन है....
वही इशारा जुल्फों का
वही शरारत आँखों की,
वही ताजगी चेहरे की
इधर बेकरारी सांसो की
बे वजह नशा सा उमड़ता क्यों है....
मई तो चुप हु फिर अन्दर ये बोलता कौन है....