My Outlook...
मंगलवार, 13 नवंबर 2012
छुप के सीने में कोई जैसे सदा देता है
शाम से पहले ही दिया दिल का जला देता है
है उसी की ये सदा
है उसी की ये अदा
कहीं वो ,
ये तो नहीं .....
कैफ़ी साहब याद आ रहे हैं .
शुक्रवार, 9 नवंबर 2012
शराब इस लिये मैं फिलहाल नहीं पीता
क्योंकि नाप तौल के पीना मुझे पसंद नहीं
तेरे वजूद से अँगडाइ ले के निकले
वो मयकदा अभी बोतलों में बंद नहीं .....!!!
सोमवार, 5 नवंबर 2012
din ki sari garmee shaam hote hi pighl jati hai
rat taaron ko khwabon me badal deti hai
sare mausam ek pal me palat jaate hain
hajar jhooth bolegi, fir hans deti hai
नई पोस्ट
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)