शनिवार, 25 मई 2013

प्यार में जिन्दगी सिमट जाती है . बेहतर है की पहले जिन्दगी को इतना विस्तार दे दो की सिमटने के बाद भी खुद की उम्र तो  बची रहे --- अज्ञात 

मंगलवार, 21 मई 2013

 हवा कायनाती कलि


रात
ये सुनने के लिए
खामोश है
कि
दिन के शोर में
जो बातें मन में ही
दब गयीं थीं
उन्हें शब्द मिल सके

अँधेरे की चादर फैला के
रूह की
हर काश-म-कश
को
समेटना चाहती है

उसे पता है
पूरा दिन
जो उजाले के साथ बीता है
उसमे
दुनिया रंग बिरंगी थी
जिसमे
मुस्कान का दर्द
और
न रोने  की बेबसी
भी
थी





गुरुवार, 16 मई 2013





तुम्हारे रूह की आहट का अजब सा  श्रिंगार होता है

सिमट के ख्वाब आँखों में , न जगता है न सोता है

वक़्त की दरिया में सब बह जाता है ,लोग कहते  हैं

पर जो पहले कभी कभी होता था ,अब बार बार होता है













सुलगती शाम को जब भी धुएँ पे गुबार होता है

रात के नसीब में अब भी इन्तजार होता है

किसी के रूह की आहट से , अक्सर दिल दो चार होता है