महात्मा गाँधी के दर्शन का आधार " सत्य पर विश्वास " था। चंपारण से लेकर राजघाट तक के भारतीय राजनीतिक जीवन में ऐसे कई मौके आये जब बापू को जानबूझकर चुप रहना पड़ा। अपमानित भी होना पड़ा। चाहे सुभाष चन्द्र बोस हों या जिन्ना, बापू ने कभी भी गलत को सही नही कहा।
उसी विश्वास को आज विश्व नमन कर रहा है।
कोटि कोटि नमन !!!
उसी विश्वास को आज विश्व नमन कर रहा है।
कोटि कोटि नमन !!!