जिसे न महसूस किया जा सकता ,
न समझा जा सकता ,
जो न सच है , न झूठ है
जन्मों से साथ चली आ रही है
परछाई की तरह
दर्शन की माया है
जीवन का प्यार है
प्रकृति की सुन्दरता है
और
रात का ख्वाब है।
सच को बिना बोले, बिना सुने, बिना समझे भी महसूस किया जा सकता है।
झूठ को मह्सूस नही किया जा सकता। सुना और बोला जा सकता है। समझा जा सकता है।
न समझा जा सकता ,
जो न सच है , न झूठ है
जन्मों से साथ चली आ रही है
परछाई की तरह
दर्शन की माया है
जीवन का प्यार है
प्रकृति की सुन्दरता है
और
रात का ख्वाब है।
सच को बिना बोले, बिना सुने, बिना समझे भी महसूस किया जा सकता है।
झूठ को मह्सूस नही किया जा सकता। सुना और बोला जा सकता है। समझा जा सकता है।