तुम्हारी क्यूँ न तकूँ मैं राह
बांह छांह
छाये रे भ्हाये रे ललचाये रे
आते -जाते , मिलते- बिछुरते , तू है मुझको भाये रे
सीधा सादा सरल सलोना , तू रोज संवरता जाये रे
प्यारी प्यारी पलकें तेरी ,जिनकी शीतल छांव
तुम्हारी क्यूँ न तकूँ मैं राह
http://www.youtube.com/watch?v=qnE7N6prtdM
बांह छांह
छाये रे भ्हाये रे ललचाये रे
आते -जाते , मिलते- बिछुरते , तू है मुझको भाये रे
सीधा सादा सरल सलोना , तू रोज संवरता जाये रे
प्यारी प्यारी पलकें तेरी ,जिनकी शीतल छांव
तुम्हारी क्यूँ न तकूँ मैं राह
http://www.youtube.com/watch?v=qnE7N6prtdM