आजकल सत्य साईं बाबा की चर्चा बहुत हो रही है. क्योंकि वो अब इस दुनिया में नहीं हैं.मै बंगाल में हूँ.पहली बार नाम सुना है बाबा का. बाबा के ज्यादा भक्त साउथ इंडियन हैं. मेरे कुछ दोस्त आन्ध्र प्रदेश के भी हैं यहाँ.
एक अध्यात्मिक गुरु होने के नाते कुछ शिष्य होना आम बात है. लेकिन इनके शिष्य आम से लेकर खास तक हैं. हर तरफ की जानी मानी हस्तियाँ इनके दर्शन की कायल हैं.
बाबा के चमत्कार तो हर कोइ जानता है. अगर कुछ नही जनता तो वो बाते जो दबा दी गयी. बंगाल के जादूगर पी.सी. सरकार ने हैदराबाद में बाबा के चमत्कार को जादू बताया था. बाबा ने हवा में हाथ गुम कर कोने की चैन निकली थी. जब इसका वीडियो फुटेज देखा गया तब पता चला की ये चैन उन्होने अपनी आस्तीन से निकाली है. उसी समय पी. सी. सरकार ने हवा में हाथ घुमाकर रसगुल्ला निकला था. हैदराबाद में बाबा के लोगो ने सरकार को भगा दिया.
बाबा के भक्त विदेशी भी हैं.कुछ ने इन्हे समलैंगिक के विवाद से भी ज़ोरा है. कहने को तो बाबा ने पूरे जीवन में एक ही बार विदेश की यात्रा की है. वो भी युगांडा की.एक बार "प्रशांति निलयम " (बाबा के ट्रस्ट का नाम ) में चार लोगो को बाबा के गार्ड ने मार दिया था. गार्ड का कहना था की ये लोग बाबा को मारना चाहते थे. उसके बाद कुछ पता नही चला.
मेरा मकसद बाबा की बुराई करना नहीं है. लेकिन एक इन्सान (शरीर से ) जब ये कहता है की वो अवतार है,तो उसकी जिम्मेदारी पूरी मानवता के लिए होनी चाहिए. बाबा ने बहुत से हॉस्पिटल और स्कूल बनवाए हैं. लेकिन सरे साउथ में ही क्यो? अगर वो भगवन हैं तो पूरे विश्व की जिम्मेदारी को निभाना चाहिए.
लेकिन फिर देखता हूँ की सचिन तेंदुलकर रो रहे हैं, प्रतिभा देवी सिंह पाटिल,मनमोहन सिंह आ रहे हैं,......
पुराना रिकॉर्ड देखें तो शंकर दयाल शर्मा,अटलबिहारी वाजपेयी ,अब्दुल कलाम जैसे लोग आशीर्वाद के लिए आते रहे हैं.
राजनीति,साहित्य ,कला, प्रशासन ,मीडिया,खेल...लगभग हर तरह की जानी मानी हस्तियाँ उनके शिष्यों में हैं.
सही बताऊँ तो मुझे यकीन नहीं हो रहा है की कैसे बाबा ने इतना सब कुछ किया............फिर भी उनके भगवान होने की बात को तो मै नही मानता .
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें