आज सुबह से
दिल कह रहा है
फिर पास बैठूं
सांसों के शोर में
झूठे बहाने सुनूँ
और
मुस्कुराते हुए
ये सोचूं
कि
तुम इतनी अच्छी क्यों लगती हो
वक़्त की शिफारिश पे
एक नई राह संवारी है
बहुत अलग है ये दुनिया फिर भी
तलाश तेरी, अब भी जारी है
दिल कह रहा है
फिर पास बैठूं
सांसों के शोर में
झूठे बहाने सुनूँ
और
मुस्कुराते हुए
ये सोचूं
कि
तुम इतनी अच्छी क्यों लगती हो
वक़्त की शिफारिश पे
एक नई राह संवारी है
बहुत अलग है ये दुनिया फिर भी
तलाश तेरी, अब भी जारी है
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