गुरुवार, 18 जुलाई 2013

उगते सूरज की लाली बिन
ढलती शाम की प्याली बिन
ये दिन किसके हिस्से के हैं
चढ़ती उम्र के बेजुबानी दिन

कब सुबह हुयी
कब शाम हुयी
कुछ पता नहीं
कब रत गयी


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें